Wednesday, 29 December 2021

हेमंत सोरेन सरकार के दो वर्ष पूर्ण

युवा सोच ने बदली तस्वीर

देवानंद सिंह

  झारखंड की हेमंत सरकार ने आज दो वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। यह सरकार के लिए भी और राज्य के लिए भी बड़ी उपलब्धि की बात है, क्योंकि कुछ ही समय पूर्व ही राज्य ने भी 20 साल पूरे किए हैं। 20 सालों के दौरान भी और पिछले दो वर्षों के दौरान भी राज्य ने काफी उतार चढ़ाव देखे। राज्य के 20 साल के सफर की बात करें तो राजनीतिक पार्टियों में राज्य को विकास के ट्रैक पर आगे बढ़ाने के बजाय सत्ता तक पहुंचने का लालच अधिक दिखा। लेकिन हेमंत सोरेन के नेतृत्व की सरकार ने इस मिथक को तोड़ने का काम किया है। कोरोना जैसी महामारी के बीच उन्होंने जिस अपने इस कार्यकाल के दौरान काम किया है, वह वाकई लोगों में विश्वास जगाने वाला है। पिछले दो वर्षों के दौरान स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी चुनौती देखने को मिली, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के नेतृत्व में राज्य सरकार इससे आसानी से निपटने में सफल रही। ऑमिक्रोन को लेकर भी सरकार ने अपनी पुख्ता तैयारी कर ली है, जो राज्य के लोगों के लिए बड़ी राहत देने वाली बात है। यह युवा राज्य के लिए बहुत अच्छी बात है, क्योंकि एक युवा राज्य को युवा मुख्यमंत्री मिला है। वास्तव में, यह युवा सोच ही है, जिसने राज्य की तस्वीर बदली है। बता दें कि 29 दिसंबर, 2019 को गठित हेमंत सरकार के गठन के कुछ समय बाद ही कोरोना संक्रमण का दौर शुरू हो गया था, जो सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन दूरदर्शी सोच के कारण इस चुनौती को हेमंत सरकार ने अवसर के रूप में चुना और राज्यवासियों के लिए कई बेहतर कार्य किये। इसके अलावा कई योजनाओं पर भी सरकार का विशेष जोर रहा। सरकार की तरफ से राज्य के किसानों का 50 हजार रुपये तक का लोन माफ भी किया गया। कुल मिलाकर, दो सालों में कोरोना महामारी के बाद जिस तरह हेमंत सोरेन ने स्थितियों को संभाला है, वह अपने आप में दूसरे राज्यों को प्रेरित करने वाला रहा। उन्होंने सरकार का फोकस जिस तरह स्वास्थ्य, शिक्षा, निवेश बढ़ाने और आमजन के विकास पर किया हुआ है, उसने राज्य को एक दिशा देने का काम किया है। क्योंकि किसी भी राज्य के विकास में इन तथ्यों का विशेष रोल होता है। पिछले दो वर्षों के दौरान स्वास्थ्य के मामले में दुनिया ने अग्नि परीक्षा झेली है। कोरोना दुनिया के लिए चुनौती बनकर सामने आया, लेकिन इस दौरान जिस तरह झारखंड सरकार ने काम किया, वह काबिलेतारीफ रहा। इसीलिए, कोरोनाकाल में राज्य में न केवल कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से घटी, बल्कि वैक्सीनेशन के लक्ष्य को भी पूरा करने में राज्य सरकार ने सफलता हासिल की। यह सब संभव हो पाया मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के अथक प्रयासों की वजह से। राज्य में पलायन का मुद्दा भी बड़ा विषय रहा है। युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में निवेश बढ़ाकर रोजगार की असीम संभावनाओं को बढ़ाने की तरफ भी विशेष ध्यान दिया है, जिसकी वजह से पलायन भी कम हुआ है और राज्य सरकार की बेहतर नीतियों के चलते बड़ी-बड़ी कंपनियां भी राज्य में निवेश को लेकर गंभीर दिख रही हैं। सरकार की यही कोशिश भविष्य में भी पलायन रोकने में काफी कारगर साबित होगी। 



सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों की बात करें तो इसमें बहुत से कार्य शामिल हैं। आप सबको याद होगा कि पिछले साल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1529.06 करोड़ की लागत से राज्य स्तरीय 59 नई योजनाओं का शिलान्यास किया था, वहीं, 2575.70 करोड़ की राशि से 10 नई योजनाओं की शुरूआत भी की थी। सरकार इन परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है, जैसे ही ये परियोजनाएं पटल पर उतरेंगी, उसका लाभ 24,54,798 लोगों को मिलेगा। इसके अलावा 1710.26 करोड़ की लागत से तैयार 171 पूर्ण योजनाओं का भी सीएम द्वारा उद्घाटन किया था, जिसका लोगों को लाभ मिल रहा है। सीएम ने 962.50 करोड़ की राशि से 5,42,260 लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण किया था, जिसके तहत पीएम आवास योजना के लाभुकों को भी लाभ दिया गया। पिछले साल ही जिलास्तर पर 760 करोड़ की राशि से 4175 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया था, वहीं, 2002.60 करोड़ की राशि से बने 3823 पूर्ण योजनाओं का उद्घाटन भी किया गया और 2303.14 करोड़ की राशि 6,20,694 लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण किया गया था।




वहीं, झारखंड सरकार ने लॉकडाउन में उठाये गये कदमों ने भी नया इतिहास रचा। कोरोनाकाल में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान झारखंड सरकार ने जीवन को सुरक्षित रखने तथा उनके जीविकोपार्जन की व्यवस्था करने के लिए जो कदम उठाये, उसने नया कीर्तिमान बनायाञ लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज और ट्रेन ने वापस लाने वाला झारखंड देश का पहला राज्य था। इतना ही नहीं, महिला समूहों ने अपनी जान की परवाह किये बगैर लाखों गरीबों, जरूरतमंदों और मजदूरों को मुफ्त में भोजन कराया। सरकार ने इनके बीच मुफ्त में राशन का वितरण किया। जगह-जगह पर भोजन की व्यवस्था (दीदी किचेन) की गई। इतना ही नहीं, श्रमिकों को अपने गांव-घर में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा के तहत 3 महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू करने के साथ करोड़ों मानव दिवस सृजित किये गये। इतना ही नहीं, मनरेगा के तहत मजदूरी दर भी सरकार ने बढ़ाकर 225 रुपये प्रतिदिन कर मनरेगा से जुड़े लोगों को काफी राहत दी।

  ये महत्वपूर्ण कार्य रहे शामिल.... 

 सरकार द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों में शिक्षा क्षेत्र भी शामिल रहा। अच्छी बात यह रही कि विदेशों में उच्च शिक्षा लिए दी जा रही छात्रवृत्ति के मामले में झारखंड देश का पहला राज्य है, जो अपने विद्यार्थियों को विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति दे रहा है। इसके अलावा 5000 आदर्श विद्यालय, हर जिले में एक सीबीएसई आधारित विद्यालय संचालित करने के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए सरकार ने प्रयास तेज किये हैं।

वहीं, राज्य के विकास के पहिए को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार शुरू से ही गंभीर रही है। इस दिशा में सरकार ने संसाधनों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है। यह सरकार की राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। संसाधनों को बढ़ाया जा रहा है और कर व्यवस्था में बदलाव किए जा रहे हैं ताकि राजस्व में वृद्धि हो सके। 

 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आम जनता को लाभ देने के मकसद से एक और काम किया है और वह काम है आमजनता को काई भी प्रमाण-पत्र आसानी से मिल सके। मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक लोगों को जाति, आय, जन्म, मृत्यु, आवासीय प्रमाण पत्र आदि बनाने में अब पहले की तरह परेशानी नहीं उठानी पड़ रही है। इसके लिए सरकार ने झारसेवा अभियान शुरू किया है। इसके अंतर्गत ये प्रमाण पत्र आवेदन करने के 15 दिनों के अंदर जारी कर किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। 

हेमंत सोरेन के नेतृत्व में शुरूआत एक वर्ष में ही राज्य सरकार ने सराहनीय कार्य करने शुरू कर दिए थे। चाहे इसके तहत कृषि ऋण माफी की योजना रही हो या फिर वन पट्टा वितरण, 15 लाख नये राशन कार्ड, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में हेमंत सरकार ने शुरूआती वर्ष से लेकर अब तक बेहतरीन कार्य किये हैं। आदिवासी समुदाय की मांग 'सरना धर्म कोड' को राज्य सरकार ने विधानसभा से पारित कर केंद्र सरकार को अपनी अनुशंसा भेजे। इससे राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरना धर्म कोड को लागू करने को लेकर काफी खुशी दिखाई दे रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सरना धर्म कोड की सौगात आदिवासी समुदाय को देने का काम किया है, जिसकी उम्मीद आदिवासी समाज बहुत समय पहले से कर रहा था। 

भले ही, पिछले दो साल से कोरोना महामारी ने सबकुछ प्रभावित किया हो, लेकिन झारखंड सरकार ने संकट को भी अवसर में बदलने का पूरा कार्य किया। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य प्रत्येक क्षेत्र में तीव्र गति से विकास कर रहा है। मुख्यमंत्री के दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत कोरोना वैश्विक महामारी के संकट काल में झारखंड देश का ऐसा राज्य बना, जहां प्रवासी मजदूरों को बस, ट्रेन एवं हवाई जहाज के माध्यम से वापस घर लाने का कार्य कर दिखाया। कोरोना संकट काल में सिर्फ प्रवासी मजदूरों को घर लाने का काम ही नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंदों को भरपेट भोजन की व्यवस्था करने का भी काम किया गया। राज्य में, वर्तमान सरकार के गठन के बाद से ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी सहित सभी क्षेत्रों में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं पर कार्य शुरू हुआ है। 

192 सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार को दी स्वीकृति

हेमंत सोरेन सरकार सिंचाई योजनाओं को लेकर भी हमेशा सक्रिय रही है। इसी क्रम में सरकार ने राज्य में 192 तालाब, आहर, बांध, मध्यम सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार कार्य को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं पर कुल 143 करोड 68 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। बता दें कि सरकार गठन के तुरंत बाद जल संचयन और संरक्षण को गति देने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास विभाग ने नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना प्रारंभ की थी। इन सिंचाई योजनाओं का 100 प्रतिशत क्षमता दोहन के उद्देश्य से जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर सिंचाई क्षमता वर्तमान के 2,207 हेक्टेयर से बढ़कर 13,365 हेक्टेयर हो जाएगा।

 झारखंड की हेमंत सरकार ने राज्य के गरीब लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री दीदी किचन की शुरूआत भी की है। लॉकडाउन के कारण गरीब-गुरबों को दो वक्त का भोजन कराने के उद्देश्य से इसकी शुरूआत हुई थी। इसके तहत अनाथ, बेसहारा, दिव्यांग, बुजुर्ग, गरीब, बीमार, विधवा, लाचार, अतिगरीब व मजदूरों को नि:शुल्क खाना उपलब्ध कराया गया। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग के अधीन झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के तहत सखी मंडल की दीदियों को खाना खिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। इन दीदियों ने जरूरतमंद व उनके परिजनों को दो वक्त का खाना नि:शुल्क मुहैया कराया। 5 अप्रैल, 2020 से शुरू हुई इस दीदी किचन की संख्या शुरूआत में 2321 थी, जिसके तहत 65,820 जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया गया। पहले फेज में राज्य के विभिन्न पंचायत क्षेत्र में सीएम दीदी किचन की संख्या 4268 थी, वहीं दूसरे फेज में दीदी किचन की संख्या 1835 और बढ़ गया। इस तरह पूरे राज्य में 6103 सीएम दीदी किचन की संख्या हो गयी थी। कोरोना संकट के के दौरान झारखंड की हेमंत सरकार ने मुख्यमंत्री दाल-भात योजना की शुरूआत की थी। इसके तहत पूरे राज्य में करीब 350 मुख्यमंत्री दाल-भात योजना का संचालन हुआ। 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य के विकास के लिए हर संभव जरूरी कदम उठा रहे हैं। वह कभी बड़े फैसले लेने में भी पीछे नहीं रहते हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई बड़े फैसले लेकर सबको चौंकाया भी। उनकी इस सूची में कई ऐसे फैसले रहे हैं, जिनमें राज्य के 20 वर्ष के सफर के दौरान पहली बार खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति से बहाली, झारखंड के युवाओं को प्राइवेट नौकरी में 75 प्रतिशत आरक्षण और तकनीकी शिक्षित को 5000 रुपये सालाना बेरोजगारी भत्ता के साथ ही शहर के कचरे का बेहतर प्रबंधन जैसे कई फैसले महत्वपूर्ण रहे। पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति के तहत सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र सौंपे। इस नियुक्ति के तहत राज्य के 40 खिलाड़ियों को झारखंड पुलिस में सरकारी नौकरी दी गई। 

 झारखंड में अवस्थित प्राइवेट कंपनियों में स्थानीय युवाओं को नौकरियों के लिए 75 फीसदी आरक्षण की घोषणा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के दौरान किया। यानि अब झारखंड में प्राइवेट कंपनियों को अपने यहां 75 फीसदी नौकरियां स्थानीय युवाओं को देनी होगी। इसके साथ ही राज्य में तकनीकी शिक्षा प्राप्त बेरोजगारों के उन्नयन के लिए राज्य सरकार द्वारा 5000 रुपये सालाना बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है।

राजधानी रांची को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कचरे का बेहतर प्रबंधन करने की योजना की शुरूआत भी की है, जिसके लिए सीएम के समक्ष रांची नगर निगम की ओर से कचरे से गैस उत्पादन के लिए कंप्रेस बायोगैस प्लांट के निर्माण को लेकर करार किया गया है। 

वहीं, 60 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी वर्ग के लोगों को 1000 रुपये पेंशन की राशि डीबीटी से सीधे राशि अकाउंट में भेजी जा रही है। पिछले साल ही इसकी शुरूआत कर दी गई थी। सार्वभौमिक वृद्ध कल्याण योजना पेंशन योजना के तहत 1000 रुपया प्रति माह 60 वर्ष के ऊपर के लाभुकों को बैंक खाते में पैसा भेजी जा रही है, जिससे लोगों को आर्थिक रूप से सहायता मिल रही है। 

सरकार ने झारखंड के 15 लाख लोगों को हरा राशन कार्ड देने की योजना बनाई है। इसके तहत इन्हें हर माह पांच किलो अनाज दिया जा रहा है। वहीं, 89 विद्यालय एवं छात्रावास भी शुरू किये गये हैं। 136 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया गया है।    

 लोगों के दर्द और तकलीफ का समाधान करना सरकार का मुख्य उद्देश्य : हेमंत सोरेन                                          जनता को पहले अपने काम के लिए मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। सरकार जिला और प्रखंड मुख्यालय से काम करती थी। सरकारी महकमे को राज्य मुख्यालय से उठाकर गांव, पंचायत और लोगों के दरवाजे तक पहुंचाया।                       अब मिनटों में पेंशन कार्ड और राशन कार्ड बन रहे हैं। लोगों का हक और अधिकार उनके हाथों में देने का अलग ही आनंद है। ये बातें दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कही। उन्होंने आगे कहा कि शासक कभी निठल्ला नहीं होता है बल्कि शासक निठल्ला होता है। उन्होंने कहा, जब शासक गांव जाने लगे तो शासन भी गया। उन्होंने बताया कि शासन का सबसे कल्याणकारी कार्य यही है कि पंक्ति के अंतिम छोर में बैठे आदमी को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद पैदा हुआ डर, भय और अशांति का डरावना माहौल खत्म हो गया है। सरकार चौकन्ना रहकर निर्णय लेती है। लोगों के दर्द और तकलीफ का समाधान करना है।

 ऑमिक्रोन वैरियंट से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार : बन्ना गुप्ता                                                    केंद्र सरकार की घोषणा के बाद झारखंड सरकार ने 16-18 साल आयु वर्ग के किशोरों को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए कमर कस ली है। हेमंत सोरेन सरकार ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के नेतृत्व में 40 लाख किशोरों को कोरोना का टीका लगाने की योजना बना ली है। टीकाकरण जिलों में संचालित सेंटर और स्कूलों पर देने पर विचार किया जा रहा है। इस आयुवर्ग के बच्चे 10वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ते हैं। टीकाकरण के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का कहना है कि ऑमिक्रोन वैरियंट से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि संभावित तीसरी लहर को देखते हुए 28 हजार 600 बेड आरक्षित किए गए हैं। उन्होंने कहा, जरूरत पड़ने पर इसमें इजाफा किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 60 पीएससी प्लांट बनाए जा चुके हैं और 12 पीएससी प्लांट बनाने का काम लंबित है।                                                                                                         इन योजनाओं का आज होगा शिलान्यास और उद्धाटन ...                                

राज्य की हेमंत सोरेन सरकार आज अपने दूसरे वर्षगांठ पर राज्यवासियों को कई सौंगात देने जा रही है, जिसमें कांके में बनने वाले ट्रांसपोर्ट नगर सबसे प्रमुख है। इसके साथ ही 224.94 करोड़ की लागत से बनने वाले योगदा सत्संग आश्रम, बहुबाजार से शांति नगर, कोकर तक (भाया कांटाटोली) फ्लाईओवर निर्माण का शिलान्यास किया जाएगा। आज रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में करीब 15753.80 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्धाटन होगा, जिसमें 12,558 करोड़ की योजनाओं का होगा शिलान्यास तथा 3,195 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा। मुख्यमंत्री रांची स्मार्ट सिटी में मंत्रियों के आवास निर्माण योजना का भी शिलान्यास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सीएम हेमंत सोरेन नियुक्ति सहित कई अन्य लाभकारी योजनाओं की घोषणा भी कर सकते हैं, जिसमें धनबाद जिला के प्रखंड सह अंचल बलियापुर में कार्यालय, निरसा प्रखंड कार्यालय, बुंडू प्रखंड सह अंचल का कार्यालय, गुमला के विशुनपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय, बोकारो जिला के पेटरवार प्रखंड सह अंचल कार्यालय शामिल होंगे। इसके अलावा जेनासाई वीयर योजना के लाइनिंग एवं नहरों के पुनरूद्धार कार्य, लोरगरा जलाशय योजना के नहरों का निर्माण, चाकुलिया ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट, कतरास में लिलोरी स्थान पार्क का विकास, हजारीबाग देवघर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट, झारखंड राज्य आवास बोर्ड, रांची का नया कार्यालय भवन, रणधीर वर्मा स्टेडियम का सौंदर्यीकरण, चासनाला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने विवाह मंडप का निर्माण, बलिहारी में विवाह भवन का निर्माण, गिरिडीह के नए समाहरणालय भवन, खूंटी के कर्रा में एकलव्य विद्यालय, ओरमांझी में आश्रम विद्यालय, कांके में प्लस टू हाई स्कूल भवन, जमशेदपुर के धालभूमगढ़ स्थित नरसिंहगढ़ (पावड़ा) में जीएनएम छात्रावास का निर्माण कार्य उद्घाटन शामिल रहेगा। वहीं,  हुसैनाबाद शहरी जलापूर्ति योजना, लागत- 47.10, रांची स्मार्ट सिटी में मंत्रियों के आवास का निर्माण, लागत- 69.90, रांची शहर में ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण, लागत - 113.24, योगदा सत्संग आश्रम, बहुबाजार से शांति नगर, कोकर तक (भाया कांटाटोली) फ्लाईओवर, लागत- 224.94, धनबाद बैंक मोड़ के पास पांच तल्ला वाणिज्यिक भवन, लागत- 23.78, झरिया अंचल वार्ड 8.31 संख्या 36, 43, 44 एवं में पथ का मजबूती कार्य, लागत- 8.31, धनबाद नगर निगम अन्तर्गत वार्ड 27 कोहिनूर मैदान, हीरापुर में वेंडिंग जोन का निर्माण, लागत - 2.07, धनबाद नगर निगम अन्तर्गत वार्ड 21 बरटांड स्टैंड में 2 अदद (50 बेड) के आश्रयगृह का निर्माण, लागत - 1.30

भवन निर्माण विभाग : गुमला में नए अनुमंडलीय कार्यालय भवन, लागत- 6.23, गुमला में ईवीएम वेयर हाउस का निर्माण, लागत- 4.18, बगोदर सरिया, गिरिडीह में नए अनुमंडलीय कार्यालय भवन का निर्माण, लागत- 8.05, सिमरिया, चतरा में नये अनुमंडलीय आवासीय भवन, लागत- 10.39, लोहरदगा में नए अनुमंडलीय कार्यालय भवन, लागत - 9.48, लोहरदगा, सरायकेला, कोडरमा, जामताड़ा, रामगढ़ , पाकुड़ में ईवीएम वेयर हाउस के निर्माण कार्य का शिलान्यास शामिल रहेगा।

आइटीआइ बुंडू में 100 बेड के छात्रावास, लागत- 2.43, साहिबगंज में छह कब्रिस्तानों की घेराबंदी, लागत- 1.27, गुमला में चार छात्रावासों का मरम्मति/जीर्णोद्धार कार्य, लागत - 3.31, गुमला में कब्रिस्तानों की घेराबन्दी, लागत-  0.28, गुमला में धुमकुड़िया भवन का निर्माण, लागत- 0.36, गुमला में आदिवासी संस्कृति एवं कला केन्द्र भवन निर्माण, लागत - 0.80, हजारीबाग सदर अस्पताल में रैंप व लिफ्ट, लागत - 2.45, एमजीएम जमेशदुपर में लिफ्ट, कैथलैब के कार्य, लागत- 0.93, पीएमसीएच, धनबाद में लेक्चर थियेटर, लागत- 3.82,  संयुक्त श्रम भवन, गिरिडीह का निर्माण, लागत- 3.35,बोकारो में श्रम न्यायालय भवन निर्माण, लागत- 2.52, विभिन्न जिलों में सात औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का निर्माण, लागत - 43.45, राज्य योजना से 28 प्रखंड भवनों का निर्माण, लागत - 154.59, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजनान्तर्गत 31 योजनाएं, लागत- 18.73, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 108 पथ योजना, लागत - 629.58, आरसीपीसीएल के तहत 125 सड़कों का निर्माण, लागत - 595.93, आरसीपीसीएल के तहत 71 पुलों का निर्माण, लागत - 169.49, सुवर्णरेखा परियोजना अन्तर्गत खरकई बराज से पानी लिफ्ट कर पाइपलाइन द्वारा सिंचाई देने एवं पेयजलापूर्ति हेतु सीतारामपुर जलाशय में पानी जमा करने का टर्न की कार्य, लागत - 132.95, जादूगोड़ा वितरणी तथा आसनबनी वितरणी से पाइपलाइनद्वारा सिंचाई प्रणाली का टर्न की आधार पर निर्माण कार्य, लागत- 86.44, नेशनल हाइडोलाजी प्रोजेक्ट के अन्तर्गत जल गुण नियंत्रण प्रयोगशाला तथा डाटा एवं ट्रेनिंग सेंटर भवन का निर्माण, लागत- 12.96, 102 पथों का निर्माण , लागत- 1627.52, दो पुलों का निर्माण, लागत- 12.42 व विभिन्न जिलों में ग्रामीण जलापूर्ति संबंधित विभिन्न योजनाएं, लागत- 8428.79 के कार्यों का भी शिलान्यास किया जाएगा।

दहेज प्रथा को समाप्त करने, भ्रूण हत्या को रोकने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध :बन्ना गुप्ता

स्वस्थ्य इंडेक्स में झारखंड 12 वें स्थान पर – श्रीमती पूर्णिमा नीरज सिंह

आपके – अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार में 2.80 लाख शिकायतों का निष्पादन – उपायुक्त

सरकार की विजन स्पष्ट, नियत साफ

राज्य के 40 अल्ट्रासाउंड सेंटर का निबंधन रद्द




राशन कार्ड, पेंशन व अन्य योजना में झारखंड आत्म निर्भर

हर विपरीत परिस्थिति में सरकार ने की नई नई व्यवस्था

फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से 15,000 महिलाएं लाभान्वित

3.5 लाख किसानों का कर्ज माफ

विस्थापन की बैठक में जनप्रतिनिधियों को बुलाना उत्कृष्ट प्रयास

माननीय मंत्री ने किया 231.30 करोड़ की 195 योजना का शिलान्यास व 37.95 करोड़ की 52 योजना का उद्घाटन

87721 लाभुकों व 506 एसएचजी के बीच 25 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण

रणधीर वर्मा स्टेडियम में पार्क का उद्घाटन

दहेज प्रथा को समाप्त करने और भ्रूण हत्या को रोकने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। दहेज प्रथा और भ्रूण हत्या एक दूसरे के पूरक हैं। राज्य सरकार पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट को गंभीरता से लागू करने के लिए काम कर रही है। यह बातें आज माननीय स्वास्थ्य मंत्री सह धनबाद के प्रभारी मंत्री श्री बन्ना गुप्ता ने राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नयू टाउन हॉल में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में कही।उन्होंने कहा पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने वाले राज्य के 40 अल्ट्रासाउंड सेंटर का निबंधन रद्द कर दिया है।राज्य को नशा मुक्ति की ओर ले जाने के लिए सरकार आर्चरी, फुटबॉल, हॉकी जैसे खेल को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए पोटो हेंब्रम खेल योजना शुरू की है। इससे झारखंड के होनहार खिलाड़ियों को अपनी क्षमता और हुनर दिखाने का अवसर प्रदान कर रही है।माननीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की विजन स्पष्ट है। नियत साफ है। जिस कारण विकास के नए नए रास्ते बनते जा रहे हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजना पहुंच रही है। राशन कार्ड, पेंशन और अन्य योजना में अब झारखंड आत्म निर्भर है।माननीय मंत्री ने कहा कि हर विपरीत परिस्थिति में सरकार ने नई नई व्यवस्था की। जिसका ज्वलंत उदाहरण कोविड-19 की प्रथम व द्वितीय लहर में देखने को मिली। कोविड-19 में सरकारी स्वास्थ्य सेवा पर लोगों का विश्वास कायम रहा। जिस कारण झारखंड में रिकवरी रेट काफी सुखद रही। यहां की व्यवस्था की केंद्र सरकार ने भी प्रशंसा की।                                                                                स्वास्थ्य इंडेक्स में झारखंड 12 वें स्थान पर – श्रीमती पूर्णिमा नीरज सिंह

समारोह को संबोधित करते हुए माननीय विधायक झरिया श्रीमती पूर्णिमा नीरज सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य इंडेक्स में झारखंड 12वें स्थान पर है। वहीं गुड गवर्नेंस में 12.5% की बढ़ोतरी दर्ज की है। कहा विगत 2 वर्षों में वैश्विक महामारी एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरकर सामने आई। इस दौरान सरकार राज्य के लोगों के साथ खड़ी रही। लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हर कारगर कदम उठाए।उन्होंने कहा आपके अधिकार – आपकी सरकार आपके द्वार के दौरान धनबाद जिले ने बहुत मेहनत की। अधिकारी जनता के सामने उपस्थित हुए और उनकी समस्याओं का समाधान किया। फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से 15,000 महिला लाभान्वित हुई और शराब बेचना छोड़ सम्मानजनक आजीविका से जुड़ी।माननीय विधायक ने कहा झारखंड के छात्रों को निःशुल्क किताब और साईकिल दिया जा रहा है। पेंशन की समस्या का समाधान किया है। 15 लाख ग्रीन कार्ड बने हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पेंशन मिल रहा है। हर जरूरतमंद तक कंबल पहुंच रहा है। सोशल मीडिया में की जा रही शिकायत पर संज्ञान लेकर उसका त्वरित निष्पादन किया जा रहा है। सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान 3.5 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है।माननीय विधायक ने कहा अग्नि प्रभावित क्षेत्र के लोगों के विस्थापन के लिए जेआरडीए की बैठक में जनप्रतिनिधियों को बुलाना जिला प्रशासन का उत्कृष्ट प्रयास है।

आपके – अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार में 2.80 लाख शिकायतों का निष्पादन – उपायुक्त

समारोह में उपायुक्त श्री संदीप सिंह ने कहा कि आपके – अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान 335 शिविर लगाए गए। 2.80 लाख शिकायतों का निष्पादन किया गया। शिकायतों के निष्पादन के मामले में धनबाद जिला पूरे झारखंड में द्वितीय स्थान पर रहा।उन्होंने कहा 11000 नए लोगों को पेंशन योजना से जोड़ा गया। अगले माह से उन्हें पेंशन का भुगतान किया जाएगा। इस दौरान नए राशन कार्ड, ग्रीन कार्ड, केसीसी लोन, नरेगा, ई-श्रम, जॉब कार्ड, पशुधन योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन सहित अन्य योजनाओं से लोगों को लाभान्वित किया गया।समारोह के समापन पर उप विकास आयुक्त श्री दशरथ चंद्र दास ने धन्यवाद ज्ञापन व मंच का संचालन घनश्याम दुबे ने किया।

मंत्री ने किया 231.30 करोड़ की 195 योजना का शिलान्यास व 37.95 करोड़ की 52 योजना का उद्घाटन

राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर माननीय स्वास्थ्य मंत्री सह प्रभारी मंत्री धनबाद श्री बन्ना गुप्ता ने नयू टाउन हॉल में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में जिले की 231.30 करोड़ की 195 योजना का शिलान्यास तथा 37.95 करोड़ की 52 योजना का उद्घाटन किया।माननीय मंत्री ने जिला परिषद की 17.2 लाख की एक, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल की 708.61 लाख की 14, एनआरईपी की 57.49 लाख की 6, धनबाद नगर निगम की 2094.59 लाख की 43, जेएसएलपीएस 94.32 लाख की 11, भवन प्रमंडल 1639.97 लाख की 24, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल की 15917.17 लाख की 56, जिला प्रशासन की 338.42 लाख की दो तथा लघु सिंचाई प्रमंडल की 2261.80 लाख की 38 योजना का शिलान्यास किया।साथ ही जिला परिषद की 22.65 लाख की दो, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल की 1.97 लाख की 1, धनबाद नगर निगम 921.79 लाख की 20, भवन प्रमंडल 109.23 लाख की 3, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल की 2533.99 लाख की 25, जिला प्रशासन की 205.82 लाख रुपए की एक योजना का उद्घाटन किया।

इन योजनाओं का किया उद्घाटन

टुंडी प्रखंड के पूर्णाडीह में मुख्य सड़क के किनारे 14.75 लाख की लागत से 1200 फीट नाली का निर्माण , निरसा प्रखंड के सोनबाद पंचायत में 7.90 लाख से सोलर आधारित जल मीनार, नावाडीह में कोयलांचल सिटी पंचायत भवन के पास 1.97 लाख से पीसीसी पथ का निर्माण, 37.45 लाख की लागत से धनबाद नगर निगम वार्ड संख्या 44 में सामुदायिक हॉल सह वार्ड विकास केंद्र का निर्माण, 27.18 लाख की लागत से पाथरडीह में आरसीसी ड्रेन का निर्माण, धनबाद नगर निगम के वार्ड 42 में 32.69 लाख की लागत से पक्की नाली का निर्माण, 26.49 लाख की बनियाहीर में पीसीसी सड़क का निर्माण, बरारी में 27.19 लाख की पीसीसी सड़क का निर्माण, चासनाला में 44.21 लाख की पीसीसी सड़क, एफसीआई गोदाम के पास 56.96 लाख की पीसीसी सड़क, परघाबाद में 36.90 लाख की पीसीसी सड़क, पथराकुली लाला बस्ती में 87.86 लाख की पीसीसी सड़क व आरसीसी ड्रेन, बनियाहीर कुष्ठ कॉलोनी में 26.02 लाख की लागत से आरसीसी ड्रेन, चिरागोडा में 49.92 लाख की पीसीसी सड़क व आरसीसी ड्रेन, वार्ड 51 में 53.04 लाख की पीसीसी सड़क तथा आरसीसी ड्रेन, बस्ताकोला गौशाला से मुख्य सड़क तक 40.45 लाख की सड़क, वार्ड संख्या 2 में 52.21 लाख की पीसीसी सड़क, वार्ड संख्या 2 में 56.17 लाख की पीसीसी सड़क, वार्ड संख्या 2 में 45.28 लाख की पीसीसी सड़क, वार्ड संख्या चार में 74.24 लाख की पीसीसी सड़क, वार्ड 42 में 28.53 लाख की पीसीसी सड़क, वार्ड संख्या 41 में 31.14 लाख की पीसीसी सड़क व आरसीसी ड्रेन।बाघमारा में 44.85 लाख की 500 मेट्रिक टन क्षमता के गोडाउन का निर्माण, बाघमारा में 32.19 लाख की कोल्ड स्टोरेज, चाची प्रखंड में 32.19 लाख की कोल्ड स्टोरेज का निर्माण।कलियासोल में 98.16 लाख की उरमा से दलदली रोड का सुदृढ़ीकरण, एग्यारकुंड में 143.12 लाख की एनएच-2 से मदनपुर सड़क का सुदृढ़ीकरण, बलियापुर में 96.68 लाख की सड़क का सुदृढ़ीकरण, निरसा में 114.60 लाख की आरईओ रोड का सुदृढ़ीकरण, बलियापुर में 215.28 लाख की सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, टुंडी में 109.92 लाख की गोविंदपुर गिरिडीह मुख्य पथ का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, गोविंदपुर में 229.23 लाख की पथ का सुदृढ़ीकरण, टुंडी में 32.52 लाख की लागत से साहिबगंज मेन रोड का मजबूतीकारण, गोविंदपुर में 101.54 लाख की लागत से गोविंदपुर बलियापुर सड़क का मजबूतीकरण, गोविंदपुर में 73.76 लाख की लागत से बायपास रोड का सुदृढ़ीकरण, तोपचांची में 179.12 लाख की लागत से सड़क का निर्माण, बाघमारा में 249.58 लाख की लागत से सड़क का निर्माण, बाघमारा में पदुगोडा राधा नगर पथ का 164.36 लाख की लागत से सुदृढ़ीकरण, एनएच-2 से अरलगडिया तक 30.7 लाख से सड़क का मजबूतीकरण, सियालगुदरी से नगर निगम तक 37.58 लाख से सड़क का मजबूती करण, 88.16 लाख की लागत से मैथन पोस्ट ऑफिस से तेतूलडंगा पथ का मजबूतीकरण, 97.66 लाख की लागत से कुमारडूबी मोड़ से जामकुदर बस्ती रोड का मजबूतीकारण, 43.31 लाख से सासनबेरिया से डांगापाड़ा रोड का मजबूतीकारण, 36.57 लाख से दूधिया मोड से दूधिया आदिवासी टोला तक रोड का मजबूतीकारण, 28.55 लाख की लागत से लोहारगडा से दामोदर नदी सड़क का मजबूतीकारण, 27.99 लाख की लागत से दामोदरपुर से कुसुम विहार हीरक रोड का मजबूतीकरण, 27.21 लाख की लागत से नवाडीह पंचायत भवन से कोरियाटांड सड़क का मजबूतीकारण, 59.94 लाख से कुर्मीडीह से बिरसा मुंडा पार्क सड़क का निर्माण, 159.57 लाख से सालपहाड़ से कदैया रोड का सुदृढ़ीकरण, 88.88 लाख से चरक मोड से गोविंदपुर गिरिडीह रोड का सुदृढ़ीकरण।इसके साथ ही माननीय मंत्री ने 205.82 लाख रुपए की शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के कैथ लैब में मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम का उद्घाटन किया।न्यू टाउन हॉल के कार्यक्रम से पूर्व माननीय मंत्री ने रणधीर वर्मा स्टेडियम में धनबाद नगर निगम द्वारा नवनिर्मित पार्क का उद्घाटन किया।

87721 लाभुकों व 506 एसएचजी के बीच 25 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण

कार्यक्रम के दौरान 87721 लाभुकों तथा 506 एसएचजी के बीच 25 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।जिसमें 9522 लाभुकों को ग्रीन राशन कार्ड, 4013 को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, 35061 को धोती साड़ी, 301 को केसीसी ऋण, 220 एसएचजी को बैंक क्रेडिट लिंकेज, 36341 को ई-श्रम पोर्टल, 387 को नीलांबर-पितांबर जल समृद्धि योजना, 683 को पेंशन, 672 को मुख्यमंत्री सुकन्या योजना सहित अन्य योजनाओं से लाभान्वित किया गया।न्यू टाउन हॉल के मुख्य द्वार पर माननीय मंत्री व माननीय विधायक का तिलक लगाकर और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।जिला स्तरीय समारोह में विधायक झरिया श्रीमती पूर्णिमा नीरज सिंह, उपायुक्त श्री संदीप सिंह, एसएसपी श्री संजीव कुमार, डीडीसी श्री दशरथ चंद्र दास, एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ कुमार ताराचंद, नगर आयुक्त श्री सत्येन्द्र कुमार, एसडीओ श्री प्रेम कुमार तिवारी, डीपीओ श्री महेश भगत, सिविल सर्जन डॉ एसके कांत सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ बड़ी संख्या में लाभुक मौजूद थे।

सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर  मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्यवासियों को दी कई सौगातें

◆ मुख्यमंत्री ने  17,222.02 करोड़ रुपए की 1454 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया,  लाभुकों के बीच बांटी परिसंपत्ति

◆ मुख्यमंत्री ने पेट्रोल में प्रति लीटर 25 रुपए का राहत देने की घोषणा की, अगले वर्ष 26 जनवरी से गरीबों को मिलेगा लाभ

◆ मुख्यमंत्री ने कहा- छात्र -छात्राओं के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना जल्द, विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति योजना का बढ़ेगा दायरा

 ● जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास कर रही है यह सरकार

 ● शासन में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चलाए गए "आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार " कार्यक्रम का मिला सार्थक परिणाम 

 ● झारखंड अब ना रुकेगा और झुकेगा, निश्चित रूप से आगे बढ़ेगा. सरकार कर रही काम

● आपके दरवाजे पर अब पहुंच रहा सरकारी महकमा , कल्याणकारी योजनाओं से आपको जोड़ने का चल रहा अभियान

लोकतंत्र में जनता का हित सर्वोपरि होता है . सरकार का लक्ष्य होना चाहिए कि वह जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर खरा उतरे. राज्यपाल श्री रमेश बैस ने आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के 2 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही । उन्होंने मुख्यमंत्री को की दूसरी वर्षगांठ की  बधाई देते हुए कहा कि सरकार आम जनता के कल्याण के लिए लगातार कोशिश कर रही है . उन्होंने कोरोना काल में सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की . राजपाल ने शिक्षा स्वास्थ्य और क्षेत्रों में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर खुशी जाहिर की. उन्होंने शासन में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चलाए गए आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम को कारगर कदम बताया . राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि यह सरकार भविष्य में भी समाज के सभी वर्ग और तबके के हित में कार्य करती रहेगी।

गरीबों को हर माह 10 लीटर पेट्रोल पर प्रति लीटर 25 रुपए की मिलेगी राहत

झारखंड अब ना रुकेगा और झुकेगा, निश्चित रूप से आगे बढ़ेगा. सरकार इस संकल्प के साथ अपनी कार्य योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम तेजी से कर रही है. मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर  आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में राज्यवासियों को कई सौगातें दी. उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं. इसका बुरा असर गरीब एवं मध्यम वर्ग के परिवारों को हुआ है .  एक गरीब व्यक्ति घर में मोटरसाइकिल होते हुए भी पेट्रोल के पैसे नहीं रहने के कारण उसको चला नहीं पा रहा है.  अपना फसल बेचने बाजार नहीं जा पा रहा है . इसलिए मैंने निर्णय लिया है कि वैसे राशन कार्डधारी यदि अपने मोटरसाइकिल या स्कूटर में पेट्रोल भरातें हैं तो 25 रुपए प्रति लीटर की दर से राशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करेंगे। यह  व्यवस्था अगले वर्ष 26 जनवरी से लागू करने जा रहे हैं ।  एक गरीब परिवार प्रतिमाह 10 लीटर पेट्रोल तक यह राशि प्राप्त कर सकता है ।  

 छात्र-छात्राओं के लिए स्टूडेंट्ड क्रेडिट कार्ड योजना बहुत जल्द

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के छात्र-छात्राओं के लिए स्टूडेंट्स क्रेडिटकार्ड  योजना लागू करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य के विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा. उन्हें अपनी शिक्षा के लिए पैसे की कमी कभी बाधा नहीं बनेगी. स्टूडेट्स क्रेडिट योजना उनके बेहतर शिक्षा के सपनों का सार्थक करेगा.

झारखंड आंदोलनकारी के आश्रितों को नौकरियों में 5 प्रतिशत क्षैतिज आऱक्षण मिलेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य आंदोलन की उपज है. कई लोगों ने इस राज्य के लिए हुए आंदोलन में अपनी शहादत दी. हमारी सरकार ऐसेआंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सम्मान के साथ पेंशन तो दे ही रही है. अब उन्हें सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत क्षैतिज आऱक्षण मिलेगा. मुख्यमंत्री ने समारोह में मंच से इसकी घोषणा की.

विदेशों में पढ़ाई के लिए शत प्रतिशत छात्रवृति योजना का दायरा बढ़ेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए शत प्रतिशत छात्रवृति दे रही है. इस वर्ष इस योजना के तहत छह विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ाई के लिए चयनित किय़ा गया है. अब राज्य सरकार इस स्कॉलरशिप योजना का दायरा बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है. अन्य वर्ग के होनहार विद्यार्थियों को भी विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप योजना से जोड़ा जाएगा.

सरकारी कर्मियों की ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की मांग पर भी सरकार कर रही विचार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मियों द्वारा लंबे अर्से से ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की मांग की जा रही है. सरकार उनकी इस मांग पर विचार कर रही है और जल्द ही विधिसम्मत निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कई विभागों में हजारों की संख्या में अनुबंधकर्मी कार्यरत है. वे अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर लगातार आंदोलन करते रहते हैं. उनकी मांगें सरकार के संज्ञान में है. लेकिन, समस्याओं का समाधान आंदोलन और धरना प्रदर्शन से नहीं होगा. आप हमें सहयोग करें. वार्ता के लिए आगे आएं. हम आपकी मांग पर यथोचित निर्णय लेंगे, ताकि सभी के सहयोग से राज्य को विकास के पथ पर आगे ले जा सकें.

प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गरीब विद्यार्थियों को भी बेहतर और गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिले, इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है. इसी वजह से अगले सेशन से कई सरकारी विद्यालयों में निजी स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाई शुरू करने का निर्णय सरकार ने लिया है. यहां विद्यार्थियों को शिक्षा से संबंधित सभी जरूरी एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

आप सभी के सहयोग से सरकार ने सफलतापूर्वक पूरे किए हैं दो साल

इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्यवासियों के सहयोग से हमारी सरकार ने सफलतापूर्वक दो साल पूरे किए हैं. लेकिन, ये दो साल ना सिर्फ झारखंड बल्कि पूरी दुनिया के लिए संकट औऱ चुनौतीपूर्ण रहे हैं. कोरोना महामारी के कारण पूरी दुनिया की व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई. लॉक डाउन लगा और लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए. लोगों के सामने जीवन औऱ जीविका का संकट पैदा हो गया. ऐसे हालात में लोगों को कैसे राहत मिले, इसे लेकर सरकार लगातार मंथन करती रही. जब हालात थोड़े बेहतर हुए तो पूरी सतर्कता के साथ सरकार ने अपनी योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम शुरू किया, ताकि लोगों के जीवन और जीविका पर जो संकट आया था, उसका समाधान हो सके. इसमें हमारी सरकार की योजनाएं काफी कारगर रही. हालांकि, कोरोना का खतरा अभी भी बरकरार है. लेकिन, पूरी सावधानी के साथ विकास कार्यक्रमों को गति देने का काम चल रहा है.

आपका विश्वास हमारी ताकत, आपकी समस्याओं का कर रहे समाधान

मुख्यमंत्री ने कहा का पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा 28-30 योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है. शहर से लेकर गांव में अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्तिय़ों को लाभ दिलाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है. पहले जहां सुदूरवर्ती गांवों में अधिकारी नहीं जाते थे. योजनाएं नहीं पहुंच पाती थी, लेकिन हमारी सरकार ने आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम चलाया. इसके तहत ना सिर्फ आपके दरवाजे पर सरकारी महकमा पहुंच रहा है, बल्कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से उन्हें जोड़ने के साथ उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. यह जनता की सरकार है. जनता की उम्मीदों और आंकाक्षाओं को पूरा कर रहे हैं. आपकी हर समस्य़ा का समाधान होगा, हमारी सरकार पर आपने दो सालों तक विश्वास किया है, आगे भी ऐसा ही विश्वास बनाए रखें.

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बना रहे कार्ययोजनाएं 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को आगे ले जाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयत्नशील है. हमारी सरकार ना सिर्फ वर्तमान बल्कि अगले 25 से 30 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्य योजनाएं बना रही है. भविष्य की जरूरतें सरकार के ध्यान में है. ऐसे में हमारी जो भी योजनाएं लागू हो रही है, उसका दूरगामी प्रभाव देखने को मिलेगा. वह दिन दूर नहीं जब झारखंड एक सक्षम और सशक्त राज्य के रुप में पहचान स्थापित करेगा और अन्य राज्यों को सहयोग करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा.

खनिजों के अलावे अन्य क्षेत्रों में काफी संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमतौर पर झारखंड राज्य की पहचान खनिज संसाधनों के लिए होती है. लेकिन, यहां पर्यटन और खेल समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी काफी संभावनाएं हैं. ऐसे में राज्य के पर्यटक स्थलों को विकसित करने के लिए नई पर्यटन नीति बनाई गई है. पर्यटक स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है. वहीं खेल और खिलाडियों के लिए भी सरकार ने कई नीति बनाई है. खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति हो रही है और खेल प्रतिभाओं को उभारने के लिए प्रशिक्षण के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं का लगातार आयोजन किया जा रहा है.

आंतरिक संसाधनों को बढाने के लिए उठाए जा रहे कई कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यवासियों के हित में सरकार कई योजनाएं बना रही है. ये योजनाएं कैसे सफलतापूर्वक लागू हों, इसके लिए संसाधनों की व्यवस्था होनी बेहद जरूरी है. इसी बात को ध्यान में रखकर हमारी सरकार ईमानदार सोच, विजन और बेहतर प्रबंधन के साथ आंतरिक संसाधनों को बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रही है.

कई नए कार्यक्रमों की हुई शुरूआत

समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह किसान पाठशाला की शुरूआत

राज्य के किसानों की आय में बढ़ोत्तरी के लिए सरकार लगातार प्रयत्नशील है. आज राज्यस्तरीय समारोह में इसके लिए समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह किसान पाठशाला का शुभारंभ किया गया. पहले चरण में 17 किसान पाठशाला खोले जाएंगे, जबकि आने वाले तीन सालों में इसकी संख्या को बढ़ाकर एक सौ करने की योजना है.

कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ एक हजार दिनों के विशेष समर अभियान का शुभारंभ

महिलाओं को एनिमिया और बच्चों को कुपोषण की समस्या से निजात दिलाना सरकार की विशेष प्राथमिकता है. इसी संदर्भ में आज एक हजार दिनों का विशेष समर अभियान शुरू करने का मुख्यमंत्री ने ऐलान किया. 

प्लेसमेंट लिंक्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए एमओयू

राज्य में 12वीं पास विद्यार्थियों को आईटी की ट्रेनिंग देने के लिए श्रम विभाग और एचसीएल टेक्नोलॉजी के बीच आज एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया. इसके तहत यहां के इंटर पास विद्यार्थियों को एचसीएल कंपनी के द्वारा प्लेसमेंट लिंक्ड ट्रेनिंग प्रोगाम से जोड़ा जाएगा और प्लेसमेंट की भी व्यवस्था की जाएगी.

वन उपज को बढ़ावा और बाजार उपलब्ध कराने के लिए एमओयू

झारखंड आदिवासी बाहुल्य राज्य है. यहां की एक बड़ी आबादी अपनी जीविका के लिए वनोत्पादों पर निर्भर है. ऐसे में सरकार ने वनोत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में नीति बनाई है. इसी के तहत आज  वन विभाग, कल्याण विभाग और इंडियन स्कूल ऑ फ बिजनेस के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किया गया. इससे यहां के वन उपज को व्यवसायिक बाजार उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी.

पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के पत्रकारों के लिए पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की घोषणा की. इस योजना के तहत उन्हें पांच लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा. मीडियाकर्मियों के साथ उनके परिजनों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा.

कई योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 17,222.02 करोड़ रुपए की 1454 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया. इसमें 2965.22 करोड़ रुपए की 20 राज्यस्तरीय और 10770.88 करोड़ रुपए की अन्य 1014 योजनाओं का शिलान्यास किया. इस तरह शिलान्यास किए जाने वाले योजनाओं की कुल लागत 13,736.1 करोड़ रुपए है. वहीं, 1287.51 करोड़ रुपए की लागत से 20 राज्यस्तरीय और 2198.41 करोड़ रुपए की लागत से 400 योजनाओं का उद्घाटन हुआ.  इसके अलावा  1493.38 रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण लाभुकों के बीच किया गया. वहीं, कई नव चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री के द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया.

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री शिबू सोरेन, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री आरपीएन सिंह, मंत्री श्री आलमगीर आलम और श्री सत्यानंद भोक्ता, विधायक श्री बंधु तिर्की और श्री राजेश कच्छप, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कल्पना सोरेन,  मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, पुलिस महानिदेशक श्री नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे के अलावे विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव / सचिव मौजूद थे.

Friday, 3 December 2021

आखिर छात्रा की मौत का जिम्मेदार कौन ?

देवानंद सिंह

स्कूल बदलने से बाराडीह स्कूल की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा स्कूल बदलने से आहत थी। कोराेना की वजह से छात्रा के पिता का कारोबार प्रभावित हो गया था तो उन्हें बाराडीह हाईस्कूल से नाम कटाकर हिंदुस्तान मित्र मंडल स्कूल में दाखिला कराना पड़ा। जबकि छात्रा चाहती थी कि वह बारडीह हाईस्कूल में ही पढ़े। ये घटना एक छात्रा द्वारा आत्महत्या करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक झकझोर देने वाली घटना भी है। यह घटना गंभीर सवाल भी खड़े करती है कि क्या वाकई हमारे देश की पब्लिक एजुकेशन इतनी क्रूर हो गई है ? फीस के दबाब में किसी छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा ? यह घटना एक तरह से हत्या जैसी है।



 वैसे भी यह एकमात्र घटना नहीं है। बल्कि हर साल ऐसी कई घटनाएं होती हैं। लेकिन केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारें ऐसी घटनाओं पर चुप रहते हैं। कभी भी किसी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है। सरकारों पर शिक्षा माफिया इतने हावी हैं कि उन्हें मनमर्जी से काम करने की आजादी है। कोई भी कानून इन शिक्षा माफियाओं पर लागू नहीं किया जाता है। स्कूल वाले जिस तरह से मनमर्जी से फीस बढ़ाते रहते हैं, उसको लेकर शासन व प्रशासन स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है। इसमें सिर्फ और सिर्फ आम आदमी पिसता है। वैसे तो हमारे देश में शिक्षा को लेकर बड़ी बड़ी बातें होती हैं, लेकिन ये बातें हमेशा ही कागजी रहती हैं। क्या जिस तरह कानून आम जनता पर लागू होता है, क्या स्कूल संचालकों पर लागू नहीं हो सकता है ? यह सब निर्भर करता है शासन प्रशासन की सख्ती पर। अगर, शासन प्रशासन सख्त रहते तो कभी भी स्कूल संचालक मनमर्जी से फीस नहीं बढ़ाते। हर साल स्कूल संचालक 20 प्रतिशत तक फीस बढ़ा रहे हैं, जो किसी भी नौकरी पेशा आदमी के हर साल होने वाली वेतन बढ़ोतरी से बहुत अधिक रहता है। इसीलिए एक आम आदमी या नौकरी पेशा आदमी कैसे इन स्कूलों की फीस भरेगा, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। लेकिन इस बात की पीड़ा न तो शिक्षा माफियाओं को है और न शासन प्रशासन को। कोरोना काल में हम सबने देखा कि किस तरह प्रशासन के साथ कई राज्यों की सरकारों ने एक दो माह की फीस माफ करने को कहा, लेकिन मुश्किल से ही ऐसे कम उदाहरण देखने को मिले, जहां स्कूल संचालकों द्वारा फीस माफ की गई। लॉकडाउन में नौकरी गंवाने के बाद भी अधिकांश अभिभावक फीस भरने को मजबूर हुए। अभिभावकों द्वारा भारी विरोध किए जाने के बाद भी न तो स्कूल संचालकों के मन में मानवता झलकी और न ही शासन प्रशासन के। लिहाजा, मजबूरी में अभिभावकों को फीस भरने के लिए मजबूर होना पड़ा। अभिभावकों ने कैसे फीस भरी होगी, इस दर्द को वही समझ सकते हैं। जो अभिभावक फीस नहीं भर पाए तो उन्होंने महंगे स्कूलों से नाम कटाकर अपने बच्चों का नाम सस्ते स्कूलों में लिखवाया। वैसे ही, केसों में यह केस भी शामिल रहा। जो छात्रा को मंजूर नहीं था, जिसके चलते उसने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा लिया। पर यहां सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह कि आखिर छात्रा की मौत का जिम्मेदार है कौन ? क्या इसके लिए वह स्कूल प्रबंधन जिम्मेदार नहीं है, जिसके दबाव के चलते छात्रा के पिता को मजबूरन दूसरे स्कूल में दाखिला कराना पड़ा ? क्या प्रशासन को ऐसे स्कूलों की मान्यता खत्म नहीं कर देनी चाहिए ? क्योंकि यह मामला बहुत ही गंभीर श्रेणी में आता है। अगर, ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्यवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसे और भी कई मामले देखने को मिलेंगे। अगर, देश का भविष्य बनाने वाले स्कूलों की वजह से बच्चों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़े तो फिर देश के भविष्य का क्या होगा ? इस पर गभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

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