Thursday, 3 March 2022

सभी वर्गों का ध्यान रखने वाला बजट

देवानंद सिंह

झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार ने गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 1.01 लाख करोड़ का बजट पेश किया। बजट गठबंधन सरकार के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने पेश किया। सरकार ने बजट में सभी क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा है। इस बजट में पूंजीगत व्यय में 59 प्रतिशत की वृद्धि करने का प्रस्ताव है। 



इससे पहले हेमंत सोरेन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 91 हजार 277 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। गुरुवार को बजट पेश होने से पहले झारखंड विधानसभा में हंगामा भी देखने को मिला। दोपहर 12 बजे तक के लिए विधानसभा को स्थगित करना पड़ा। इस दौरान आगामी पंचायत चुनावों में 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा की मांग की जा रही थी। 12 बजे तक हंगामा चलता रहा, इसके बाद बजट पेश किया गया। इस दौरान सरकार की तरफ से काफी एलान किए गए। उच्च शिक्षा की बात करें तो झारखंड के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए गुरुजी क्रेडिट कार्ड स्कीम शुरू की जाने की घोषणा की गई, जिसे काफी महत्वपूर्ण माना जा  रहा है। वहीं, गरीब और किसानों पर बिजली का बोझ कम करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रत्येक ऐसे परिवारों को मासिक 100 यूनिट बिजली मुफ्त दिए जाने का प्रस्ताव किया है। सरकार ने यह कदम उठाकर एक तरह से गरीब और किसान वर्ग में अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश की है। दूसरा, बजट में स्टेट फंड से एक अतिरिक्त कमरे के निर्माण के लिए 50,000 रुपये प्रति आवास उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया गया है। उधर, शिक्षकों के बारे में भी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने कहा है कि



 अब पारा शिक्षक, सहायक शिक्षक के नाम से जाने जायेंगे। वहीं, सरकार ने आगामी वर्ष 2022-23 हेतु इन शिक्षकों के मानदेय मद में राज्य योजना के अंतर्गत 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान का ऐलान भी किया। वित्त मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने 27 प्रतिशत, पेयजल में 20 प्रतिशत, शिक्षा में 6.5 प्रतिशत और कृषि क्षेत्र में 21 प्रतिशत राशि में बढ़ोत्तरी की गई है। सरकार के इस कदम से निश्चित तौर पर इन सभी क्षेत्रों में काफी हद तक और सुधार होंगे। बजट में कृषि क्षेत्र का भी विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके अंतर्गत सरकार ने कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र में 4,091.37 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है, जो अपने आप में कृषि क्षेत्र के लिए संजीवनी साबित हो सकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि ऋण माफी योजना के तहत अब तक 2 लाख 11 हजार 530 किसानों के खाते में 836 करोड़ ट्रांसफर किए गए। सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों से साबित होता है कि वह कृषि और किसानों के उत्थान के लिए काफी गंभीर है। उधर, गो-धन न्याय योजना के अन्तर्गत पशुपालकों एवं किसानों की आय में बढ़ोत्तरी करने के उद्देश्य से उचित मूल्य पर गोबर की खरीदारी पर भी बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का मत है कि इससे बायोगैस बनाने के साथ-साथ जैविक खाद तैयार करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही 40 हजार लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2022-23 में अनुदान पर पशुधन वितरण का लक्ष्य वर्ष 2022-23 में कुल 85 लाख लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने ऐलान किया है कि इस वित्तीय वर्ष में शीत गृह बनाने के लिए 30 करोड़ का बजटीय उपबंध प्रस्तावित है। 



वहीं, कृषि उत्पाद में आर्थिक नुकसान से भरपाई के लिए 25 करोड़ का कॉर्प्स फंड में प्रस्तावित किया गया है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में शिक्षकों के रिक्त 1,363 पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई भी पूरी कराए जाने का ऐलान किया गया है, जो फिलहाल प्रक्रियाधीन है। राज्य सरकार द्वारा कुल 33 नये डिग्री / महिला कॉलेजों के लिए सभी प्रकार के पदों के सृजन की कार्रवाई भी जारी है, जो राज्य के शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल विकास में महत्वपूर्ण योगदान निभाएगा। सरकार ने रामगढ़ जिला अन्तर्गत गोला में डिग्री कॉलेज के निर्माण का प्रस्ताव भी किया है, जिससे उच्च शिक्षा तक छात्रों की पहुंच आसान होगी। इस बजट को इसीलिए भी अच्छा और महत्वपूर्ण कहा जायेगा, क्योंकि सरकार की तरफ से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि जैसे क्षेत्रों पर विशेष बल दिया गया है। किसी भी राज्य के विकास में इन क्षेत्रों का ही विशेष योगदान होता है। हाल में हमने देखा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूरी दुनिया ने काफी संकट झेला, इसीलिए बजट में  स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सरकार ने 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर अच्छा कदम उठाया है। जो आने वाले दिनों में किसी स्वास्थ्य चुनौती से निपटने में काफी मददगार साबित होगा।

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