Friday, 3 June 2022

संपत्ति बढ़ाने की होड़

देवानंद सिंह

जो चाहे कीजिए कोई सजा तो है ही नहीं

जमाना सोच रहा है खुदा तो है ही नहीं




बिहार से अलग हुए झारखंड को जैसे ग्रहण लग गया है। ग्रहण भी किसी और का नहीं, बल्कि जिन नेताओं और अधिकारियों के ऊपर राज्य के विकास का जिम्मा है। उन्होंने राज्य के विकास को तो ठेंगा दिखा दिया, जबकि अपने विकास में इतने तल्लीन हो गए कि वे आज करोड़पतियों की सूची में आ गए हैं। भ्रष्टाचारी आईएएस पूजा सिंघल का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर घमासान मच गया है। दरअसल, सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रघुवर दास सरकार के दौरान पांच उन मंत्रियों की संपत्ति की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराने के आदेश दिए हैं, जिनके द्वारा घोषित संपत्ति में काफी इजाफा दर्शाया गया है। इन मंत्रियों की आय में 200 से 1000 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। जनहित याचिका के आधार पर जांच के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी सामने आए हैं, जिन्होंने सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर, विधायक सरयू राय की संपत्ति 3 करोड़ से बढ़कर लगभग 10 करोड़ हो सकती है, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की संपत्ति 2 करोड़ से बढ़कर 7 करोड़ हो सकती है तो भाजपा के मंत्रियों की क्यों नहीं ?

रघुवर सरकार के जिन मंत्रियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं, उनमें अमर कुमार बाउरी, नीरा यादव, रणधीर कुमार सिंह, लुईस मरांडी व नीलकंठ सिंह मुंडा शामिल हैं। जिस तरह से पहले हेमंत सोरेन ने एसीबी से रघुवर सरकार में 2014-19 के बीच मंत्री रहे इन लोगों की संपत्ति की जांच के आदेश दिए और उसके बाद जिस तरह रघुवर दास द्वारा विधायक सरयू राय और हेमंत सोरेन की बढ़ी संपत्ति का ब्यौरा दिया, उससे यह बात भी सीधी तौर पर जाहिर होती है कि केवल रघुवर दास सरकार में मंत्री रहे नेताओं की ही संपत्ति नहीं बढ़ी, बल्कि सरयू राय और खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की संपत्ति में भी खूब इजाफा हुआ, इस लिहाज से सबकी जांच होनी चाहिए। निश्चित ही आपने-आप में यह सवाल बनता भी है। पर इस सवाल के बीच एक और सवाल यह खड़ा होता है कि क्या आखिर इन नेताओं में संपत्ति बढ़ाने की प्रतियोगिता चल रही है क्या ? जो राज्य 20 -22साल के बाद भी गरीबी से जूझ रहा है, उस राज्य में इन मत्रियों और अधिकारियों की इतनी संपत्ति कैसे बढ़ गई ? किसी नेता को खोज लो और वह किसी भी पार्टी से क्यों न हो, सबकी संपत्ति में खूब बढ़ोतरी हुई है। अगर, कोई गरीब हुआ तो आम इंसान। देश का इससे भी बढ़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है, जिन लोगों को विकास और तरक्की करने की जिम्मेदारी दी गई है, वह विकास को तिलांजलि देकर अपनी जेब को भरने के लिए लूटमार मचाए हुए हैं। लिहाजा, ऐसे सभी नेताओं की संपत्ति की जांच होनी चाहिए, जिनकी आय से अधिक संपत्ति बढ़ी है। अगर, बढ़ी है तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज देना चाहिए, तभी ये नेता नगरी ठिकाने पर आएगी।


अंतर्राष्ट्रीय शायर मंजर भोपाली कि यह पंक्तियां झारखंड की राजनीति पर सटीक बैठती है:-

वो अपने चेहरे के दागों पर क्यों न फक्र करें

अब उनके पास कोई आईना तो है ही नहीं

सब आसमान से उतरे हुए फरिश्ते हैं

सियासी लोगों में कोई तो बुरा है ही नहीं

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