Sunday, 14 November 2021

युवा राज्य, युवा सोच...

 स्थापना दिवस विशेष...

देवानंद सिंह 

 झारखंड आज 21 साल का होने जा रहा है। पिछले 20 सालों में राज्य ने काफी उतार चढ़ाव देखे। खासकर, राजनीतिक पार्टियों में राज्य को विकास के ट्रैक पर आगे बढ़ाने के बजाय सत्ता तक पहुंचने का लालच अधिक दिखा। लेकिन हेमंत सोरेन इस मिथक को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। यह युवा राज्य के लिए बहुत अच्छी बात है, क्योंकि एक युवा राज्य को युवा मुख्यमंत्री मिला है। वास्तव में, युवा सोच ही राज्य की तस्वीर बदल सकती है। 





29 दिसंबर, 2019 को गठित हेमंत सरकार के गठन के कुछ समय बाद ही कोरोना संक्रमण का दौर शुरू हो गया था, जो सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन दूरदर्शी सोच के कारण इस चुनौती को हेमंत सरकार ने



 अवसर के रूप में चुना और राज्यवासियों के लिए कई बेहतर कार्य किये। इसके अलावा कई योजनाओं पर भी सरकार का विशेष जोर रहा। सरकार की तरफ से राज्य के किसानों का 50 हजार रुपये तक का लोन माफ भी किया गया। कुल मिलाकर, दो सालों में कोरोना महामारी के बाद जिस तरह हेमंत सोरेन ने स्थितियों को संभाला है, वह अपने आप में दूसरे राज्यों को प्रेरित करने वाला रहा। उन्होंने सरकार का फोकस जिस तरह स्वास्थ्य, शिक्षा,



 निवेश बढ़ाने और आमजन के विकास पर किया हुआ है, उसने राज्य को एक दिशा देने का काम किया है। क्योंकि किसी भी राज्य के विकास में इन तथ्यों का विशेष रोल होता है। पिछले दो वर्षों के दौरान स्वास्थ्य के मामले में दुनिया ने अग्नि परीक्षा झेली है। कोरोना दुनिया के लिए चुनौती बनकर सामने आया, लेकिन इस दौरान जिस तरह झारखंड सरकार ने काम किया, वह काबिलेतारीफ रहा। इसीलिए, कोरोनाकाल में राज्य में न केवल कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से घटी, बल्कि वैक्सीनेशन के लक्ष्य को भी पूरा करने में राज्य सरकार ने सफलता हासिल की। यह सब संभव हो पाया मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के अथक प्रयासों की वजह से। राज्य में पलायन का मुद्दा भी बड़ा विषय रहा है। युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में निवेश बढ़ाकर रोजगार की असीम संभावनाओं को बढ़ाने की तरफ भी विशेष ध्यान दिया है, जिसकी वजह से पलायन भी कम हुआ है और राज्य सरकार की बेहतर नीतियों के चलते बड़ी-बड़ी कंपनियां भी राज्य में निवेश को लेकर गंभीर दिख रही हैं। सरकार की यही कोशिश भविष्य में भी पलायन रोकने में काफी कारगर साबित होगी। 

सरकार के कार्यों पर एक नजर :

राज्य का स्थापना दिवस मनाने के बाद अगले माह दिसंबर में हेमंत सोरेन सरकार के दो साल भी पूरे होने जा रहे हैं। पिछले साल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1529.06 करोड़ की लागत से राज्य स्तरीय 59 नई योजनाओं का शिलान्यास किया गया था, वहीं, 2575.70 करोड़ की राशि से 10 नई योजनाओं की शुरूआत की। सरकार इन परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है, जैसे ही ये परियोजनाएं पटल पर उतरेंगी, उसका लाभ 24,54,798 लोगों को मिलेगा। इसके अलावा 1710.26 करोड़ की लागत से तैयार 171 पूर्ण योजनाओं का भी सीएम द्वारा उद्घाटन किया था, जिसका लोगों को लाभ मिल रहा है। सीएम ने 962.50 करोड़ की राशि से 5,42,260 लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण किया था, जिसके तहत पीएम आवास योजना के लाभुकों को भी लाभ दिया गया। पिछले साल ही जिलास्तर पर 760 करोड़ की राशि से 4175 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया था, वहीं, 2002.60 करोड़ की राशि से बने 3823 पूर्ण योजनाओं का उद्घाटन भी किया गया और 2303.14 करोड़ की राशि 6,20,694 लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण किया गया था।

लॉकडाउन में उठाये गये कदमों ने नया इतिहास रचा

कोरोनाकाल में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान झारखंड सरकार ने जीवन को सुरक्षित रखने तथा उनके जीविकोपार्जन की व्यवस्था करने के लिए जो कदम उठाये, उसने नया कीर्तिमान बनायाञ लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज और ट्रेन ने वापस लाने वाला झारखंड देश का पहला राज्य था। इतना ही नहीं, महिला समूहों ने अपनी जान की परवाह किये बगैर लाखों गरीबों, जरूरतमंदों और मजदूरों को मुफ्त में भोजन कराया। सरकार ने इनके बीच मुफ्त में राशन का वितरण किया। जगह-जगह पर भोजन की व्यवस्था (दीदी किचेन) की गई। इतना ही नहीं, श्रमिकों को अपने गांव-घर में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा के तहत 3 महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू करने के साथ करोड़ों मानव दिवस सृजित किये गये। इतना ही नहीं, मनरेगा के तहत मजदूरी दर भी सरकार ने बढ़ाकर 225 रुपये प्रतिदिन कर मनरेगा से जुड़े लोगों को काफी राहत दी।

विदेशों में उच्च शिक्षा लिए दी जा रही छात्रवृत्ति

 झारखंड देश का पहला राज्य है, जो अपने विद्यार्थियों को विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति दे रहा है। इसके अलावा 5000 आदर्श विद्यालय, हर जिले में एक सीबीएसई आधारित विद्यालय संचालित करने के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए सरकार ने प्रयास तेज किये हैं।

संसाधनों को बढ़ाने पर दिया जोर

राज्य के विकास के पहिए को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार शुरू से ही गंभीर रही है। इस दिशा में सरकार ने संसाधनों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है। यह सरकार की राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। संसाधनों को बढ़ाया जा रहा है और कर व्यवस्था में बदलाव किए जा रहे हैं ताकि राजस्व में वृद्धि हो सके। इस राशि का इस्तेमाल राज्य के कल्याणकारी योजनाओं में किया जा रहा है ताकि आम लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का विकास तभी संभव है, जब ग्रामीण इलाकों में समृद्धि आयेगी। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में फेडरेशन के गठन के जरिये ग्रामीणों की आय को बढ़ाने की दिशा में कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है।

आम जनता के लिए आसान हुआ प्रमाण-पत्र पाना

 हेमंत सोरेन ने आम जनता को लाभ देने के मकसद से एक और काम किया है और वह काम है आमजनता को काई भी प्रमाण-पत्र आसानी से मिल सके। मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक लोगों को जाति, आय, जन्म, मृत्यु, आवासीय प्रमाण पत्र आदि बनाने में अब पहले की तरह परेशानी नहीं उठानी पड़ रही है। इसके लिए सरकार ने झारसेवा अभियान शुरू किया है। इसके अंतर्गत ये प्रमाण पत्र आवेदन करने के 15 दिनों के अंदर जारी कर किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर निर्देश दिए हैं कि इसमें जो भी अधिकारी अथवा कर्मचारी विलंब करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

आदिवासियों को दी 'सरना धर्म कोड' की सौगात 

हेमंत सोरेन के नेतृत्व में शुरूआत एक वर्ष में ही राज्य सरकार ने सराहनीय कार्य करने शुरू कर दिए थे।  चाहे इसके तहत कृषि ऋण माफी की योजना रही हो या फिर वन पट्टा वितरण, 15 लाख नये राशन कार्ड, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में हेमंत सरकार ने शुरूआती वर्ष से लेकर अब तक बेहतरीन कार्य किये हैं। आदिवासी समुदाय की मांग 'सरना धर्म कोड' को राज्य सरकार ने विधानसभा से पारित कर केंद्र सरकार को अपनी अनुशंसा भेजे। इससे राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरना धर्म कोड को लागू करने को लेकर काफी खुशी दिखाई दे रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सरना धर्म कोड की सौगात आदिवासी समुदाय को देने का काम किया है, जिसकी उम्मीद आदिवासी समाज बहुत समय पहले से कर रहा था। 

 रोजगार, खुशहाली और सर्वांगीण विकास का साल रहा 2021

भले ही, पिछले दो साल से कोरोना महामारी ने सबकुछ प्रभावित किया हो, लेकिन झारखंड सरकार ने संकट को भी अवसर में बदलने का पूरा कार्य किया। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य प्रत्येक क्षेत्र में तीव्र गति से विकास कर रहा है। मुख्यमंत्री के दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत कोरोना वैश्विक महामारी के संकट काल में झारखंड देश का ऐसा राज्य बना, जहां प्रवासी मजदूरों को बस, ट्रेन एवं हवाई जहाज के माध्यम से वापस घर लाने का कार्य कर दिखाया। कोरोना संकट काल में सिर्फ प्रवासी मजदूरों को घर लाने का काम ही नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंदों को भरपेट भोजन की व्यवस्था करने का भी काम किया गया। राज्य में, वर्तमान सरकार के गठन के बाद से ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी सहित सभी क्षेत्रों में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं पर कार्य शुरू हुआ है। 

192 सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार को दी स्वीकृति

हेमंत सोरेन सरकार सिंचाई योजनाओं को लेकर भी हमेशा सक्रिय रही है। इसी क्रम में सरकार ने राज्य में 192 तालाब, आहर, बांध, मध्यम सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार कार्य को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं पर कुल 143 करोड 68 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। बता दें कि सरकार गठन के तुरंत बाद जल संचयन और संरक्षण को गति देने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास विभाग ने नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना प्रारंभ की थी। इन सिंचाई योजनाओं का 100 प्रतिशत क्षमता दोहन के उद्देश्य से जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर सिंचाई क्षमता वर्तमान के 2,207 हेक्टेयर से बढ़कर 13,365 हेक्टेयर हो जाएगा।

 गरीब-गुरबों को मिला मुख्यमंत्री दीदी कीचन योजना का फायदा

 झारखंड की हेमंत सरकार ने राज्य के गरीब लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री दीदी किचन की शुरूआत भी की है। लॉकडाउन के कारण गरीब-गुरबों को दो वक्त का भोजन कराने के उद्देश्य से इसकी शुरूआत हुई थी। इसके तहत अनाथ, बेसहारा, दिव्यांग, बुजुर्ग, गरीब, बीमार, विधवा, लाचार, अतिगरीब व मजदूरों को नि:शुल्क खाना उपलब्ध कराया गया। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग के अधीन झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के तहत सखी मंडल की दीदियों को खाना खिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। इन दीदियों ने जरूरतमंद व उनके परिजनों को दो वक्त का खाना नि:शुल्क मुहैया कराया। 5 अप्रैल, 2020 से शुरू हुई इस दीदी किचन की संख्या शुरूआत में 2321 थी, जिसके तहत 65,820 जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया गया। पहले फेज में राज्य के विभिन्न पंचायत क्षेत्र में सीएम दीदी किचन की संख्या 4268 थी, वहीं दूसरे फेज में दीदी किचन की संख्या 1835 और बढ़ गया। इस तरह पूरे राज्य में 6103 सीएम दीदी किचन की संख्या हो गयी थी। कोरोना संकट के के दौरान झारखंड की हेमंत सरकार ने मुख्यमंत्री दाल-भात योजना की शुरूआत की थी। इसके तहत पूरे राज्य में करीब 350 मुख्यमंत्री दाल-भात योजना का संचालन हुआ। वहीं, दूसरी ओर पुलिस द्वारा विभिन्न थानों में चलाये गये विशेष दाल-भात योजना (सामुदायिक किचन) के 472 केंद्र का संचालन हुआ, जहां गरीब-गुरोबों को भोजन नसीब हुआ। इन केंद्रों के माध्यम से 10 लाख से अधिक जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया गया।

मुख्यमंत्री के इन फैसलों ने चौंकाया :

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य के विकास के लिए हर संभव जरूरी कदम उठा रहे हैं। वह कभी बड़े फैसले लेने में भी पीछे नहीं रहते हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई बड़े फैसले लेकर सबको चौंकाया भी। उनकी इस सूची में कई ऐसे फैसले रहे हैं, जिनमें राज्य के 20 वर्ष के सफर के दौरान पहली बार खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति से बहाली, झारखंड के युवाओं को प्राइवेट नौकरी में 75 प्रतिशत आरक्षण और तकनीकी शिक्षित को 5000 रुपये सालाना बेरोजगारी भत्ता के साथ ही शहर के कचरे का बेहतर प्रबंधन जैसे कई फैसले महत्वपूर्ण रहे। पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति के तहत सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र सौंपे। इस नियुक्ति के तहत राज्य के 40 खिलाड़ियों को झारखंड पुलिस में सरकारी नौकरी दी गई। 

75 फीसदी आरक्षण की घोषणा

 झारखंड में अवस्थित प्राइवेट कंपनियों में स्थानीय युवाओं को नौकरियों के लिए 75 फीसदी आरक्षण की घोषणा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के दौरान किया। यानि अब झारखंड में प्राइवेट कंपनियों को अपने यहां 75 फीसदी नौकरियां स्थानीय युवाओं को देनी होगी। इसके साथ ही राज्य में तकनीकी शिक्षा प्राप्त बेरोजगारों के उन्नयन के लिए राज्य सरकार द्वारा 5000 रुपये सालाना बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है।

श्रमिकों के आश्रितों को मिली सहायता 

राजधानी रांची को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कचरे का बेहतर प्रबंधन करने की योजना की शुरूआत भी की है, जिसके लिए सीएम के समक्ष रांची नगर निगम की ओर से कचरे से गैस उत्पादन के लिए कंप्रेस बायोगैस प्लांट के निर्माण को लेकर करार किया गया है। 

60 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी वर्ग को पेंशन 

60 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी वर्ग के लोगों को 1000 रुपये पेंशन की राशि डीबीटी से सीधे राशि अकाउंट में भेजी जा रही है। पिछले साल ही इसकी शुरूआत कर दी गई थी। सार्वभौमिक वृद्ध कल्याण योजना पेंशन योजना के तहत 1000 रुपया प्रति माह 60 वर्ष के ऊपर के लाभुकों को बैंक खाते में पैसा भेजी जा रही है, जिससे लोगों को आर्थिक रूप से सहायता मिल रही है। 

15 लाख लोगों को हरा राशन कार्ड देने की योजना :

सरकार ने झारखंड के 15 लाख लोगों को हरा राशन कार्ड देने की योजना बनाई है। इसके तहत इन्हें हर माह पांच किलो अनाज दिया जा रहा है। वहीं, 89 विद्यालय एवं छात्रावास भी शुरू किये गये हैं। 136 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया गया है। 

 झारखंड राज्य फसल राहत योजना का शुभारंभ

हेमंत सोरेन सरकार झारखंड राज्य फसल राहत योजना का शुभारंभ भी किया है। फसल नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। वित्त वर्ष 2021 में योजना के अंतर्गत 100 करोड़ की राशि का प्रावधान रखा गया है। वहीं, सखी मंडल की दीदियों को सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने ऋण की राशि दी। 30000 सखी मंडलों को 300 करोड़ की राशि बैंक लिंकेज के जरिए दी गई।

ये सौगात भी दे चुकी है सरकार :

ट्राइबल यूनिवर्सिटी की सौगात

- जेपीएससी का नया कैलेंडर

- 20 घंटे मिल रही बिजली 

- झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर 

- मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का शुभारंभ

- झारखंड पर्यटन नीति 2020

- झारखंड खेल नीति 2020

- आॅल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन और साझा के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

- महिला हेल्पलाइन नंबर 181

- सार्वभौमिक वृद्ध कल्याण योजना

- आवास योजना के एक लाख लाभुकों का गृह प्रवेश

- कृषि ऋण माफी योजना

- मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना

- डायल 112 इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम

- राज्य के अनुसूचित जनजाति के 10 प्रतिभावान छात्रों को विदेश में स्थित अग्रणी विश्वविद्यालयों में उच्च स्तरीय शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजना


इन योजनाओं पर भी चल रहा काम:

- राज्य के 25 विद्यालयों को स्कूल आॅफ एक्सीलेंस के रूप में परिवर्तन करना

- रांची के धुर्वा में नेहरू पार्क का नवीकरण एवं सौंदर्यीकरण योजना

- रांची शहरी जलापूर्ति योजना फेज दो

- रांची जिला के बरहे , बीजुपाड़ा में फार्मा पार्क

- धनबाद जिला के निरसा में लेदर पार्क

- इको टूरिज्म सर्किट

- चाईबासा में राजकीय फामेर्सी संस्थान

- गुमला के पालकोट एवं कामडारा तथा लातेहार के बरवाडीह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

- रांची के सिमलिया, खूंटी के फुदी, रामगढ़ के कैथा, इंडिका के बानो दुमका के शिकारीपाड़ा और गिरिडीह के अकदोनी में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान

- साहिबगंज के बरहेट जामताड़ा के नारायणपुर और रांची के इरबा सिकिदिरी में ग्रिड सब स्टेशन

- खूंटी , चतरा, लोहरदगा, जामताड़ा, गोड्डा, बगोदर और हजारीबाग में राजकीय पॉलिटेक्निक

- देवघर के सारठ में डेयरी प्लांट

- पूर्वी सिंह के बहरागोड़ा में ग्रिड सब स्टेशन

No comments:

Post a Comment

आखिर छात्रा की मौत का जिम्मेदार कौन ?

देवानंद सिंह स्कूल बदलने से बाराडीह स्कूल की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा स्कूल बदलने से आहत थी। कोराेना की वजह से छात्रा के पिता का...